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कितने रंग का होता है Breast Milk और कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ बदलता है इसका रंग
सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ को मां और शिशॠदोनों के लिठही लाà¤à¤•ारी माना जाता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में समय के साथ कई बदलाव आते हैं।
how color changes of breast milk in hindi
कितने रंग का होता है Breast Milk और कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ बदलता है इसका रंग
मां के दूध को शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग पीला, सफेद, कà¥à¤°à¥€à¤®, टैन या नीली रंगत लिठहोता है। हालांकि, सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान आपके दूध का रंग बदल à¤à¥€ सकता है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली महिलाà¤à¤‚ जो à¤à¥€ खाती और पीती हैं, उसका सीधा असर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• पर पड़ता है और दूध का रंग हरा, गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ या लाल à¤à¥€ हो सकता है।
अगर आप à¤à¥€ अपने शिशॠको दूध पिलाती हैं तो आपने à¤à¥€ कà¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ दिया होगा कि समय के साथ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग बदलता रहता है। लेकिन आपको बता दें कि à¤à¤• ही दिन में à¤à¥€ अलग-अलग रंग का बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• और यहां तक कि à¤à¤• ही बार में दूध पिलाने पर à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग अलग-अलग आ सकता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• के किस रंग का कà¥â€à¤¯à¤¾ मतलब होता है।
​हर बार कैसे बदलता है बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग
डिलीवरी के बाद पहले कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग जलà¥â€à¤¦à¥€ बदलता है। इस दौरान बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का कंपोजिशन (जिन चीजों से मिलकर मिलà¥â€à¤• बना हो) और मातà¥à¤°à¤¾ के अलावा उसके रंग में à¤à¥€ बदलाव आता है। तो चलिठजानते हैं कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• कितने रंग का होता है और इसके रंग का कà¥â€à¤¯à¤¾ मतलब है।
कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® : शिशॠके जनà¥â€à¤® के बाद जो पहला दूध आता है, उसे कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कहते हैं। ये बहà¥à¤¤ कम मातà¥à¤°à¤¾ में ही बनता है लेकिन बहà¥à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है। अकà¥â€à¤¸à¤° इसका रंग पीला या संतरी और गाढ़ा होता है लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये साफ और पतला à¤à¥€ हो सकता है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में बीटा-कैरोटीन की उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ के कारण ही इसका रंग गहरा पीला या संतरी होता है। डिलीवरी के बाद कम से कम 5 दिनों तक कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® आता है।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन मिलà¥â€à¤• : कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® के बाद बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगता है और आपका शरीर टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन मिलà¥â€à¤• बनाना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन पीरियड के इन दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग आते-आते पीले से सफेद होने लगता है।
मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मिलà¥â€à¤• : लगà¤à¤— दो हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद शरीर मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मिलà¥â€à¤• के सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ पर पहà¥à¤‚चता है। मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि उसमें फैट की कितनी मातà¥à¤°à¤¾ है।
फोरमिलà¥â€à¤• : जब सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ करवाने पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मिलà¥â€à¤• आने लगता है तब ये पतला होता है और इसमें फैट कम होता है। इसे फोरमिलà¥â€à¤• कहते हैं। चूंकि, फोरमिलà¥â€à¤• पतला होता है इसलिठये बिलकà¥à¤² साफ या नीला होता है।
Hindmilk : सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते-करवाते दूध में फैट की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ती जाती है। फैट बढ़ने से दूध कà¥à¤°à¥€à¤®à¥€ होने लगता है। ये गाढ़ा सफेद या पीला होता है।
​बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• के अनà¥â€à¤¯ रंग और उनका मतलब
कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚, जड़ी बूटियों, नà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤² सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट और दवाओं से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• का रंग बदल सकता है। ये मां और शिशॠदोनों के पेशाब के रंग को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
खानपान की वजह से दूध का रंग बदलता रहता है और इसमें कोई खतरे की बात नहीं है। आइठजानते हैं बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• के रंग के बारे में।
हरा :
हरी सबà¥â€à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ या हरं रंग के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने के बाद दूध का रंग हरा हो सकता है।
गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€, संतरी और लाल :
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से लाल, संतरी या पीले रंग के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे कि चà¥à¤•ंदर, संतरे से दूध का रंग बदल सकता है।
à¤à¥‚रा, मटमैला :
सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के अंदर से खून दूध की नलियों में à¤à¥€ आ सकता है। इससे दूध का रंग à¤à¥‚रा, गहरा संतरी या मटमैला हो सकता है। अगर निपà¥â€à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में दरार आ जाठतो खून à¤à¥€ दूध में आ सकता है। ये दूध लाल या गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ हो सकता है। दूध में हलà¥â€à¤•ा खून आना आपके शिशॠके लिठहानिकारक नहीं होता है। कà¥à¤› मामलों में कà¥à¤› दिनों के अंदर दूध में खून आना अपने आप ही बंद हो जाता है लेकिन अगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को तà¥à¤‚रत दिखाà¤à¤‚।
काला :
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• के काले रंग का संबंध à¤à¤‚टीबायोटिक मिनोसिन से होता है। मिनोसिन तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के रंग को à¤à¥€ गहरा करता है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली महिलाओं को मिनोसिन का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करने के लिठकहा जाता है। इसलिठकहा जाता है कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के दौरान कोई à¤à¥€ दवा लेने से पहले डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ जरूर करना चाहिà¤à¥¤
मां का दूध शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है और सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से बचà¥â€à¤šà¥‡ ही नहीं बलà¥à¤•ि मां को à¤à¥€ कई सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ लाठमिलते हैं।
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